Friday, 22 June 2012

सागर सरहद्दी से मुलाक़ात

मैं अच्छी किताबें खरीदकर ऐश करता हूँ- सागर सरहद्दी

मुंबई में जिन लोगों के साथ मेरी चाय सांझी है उनमें एक नाम सागर सरहद्दी साहब का भी शामिल है, मेरे मस्त मौका दिनों की पनाहगाह | रंगमंच के कीड़े को शांत करने का चश्मा | मैं कभी कभार उनके साथ ऐसी बातें भी करता रहता था जिनकी मेरे अंदर भूख थी कि मैं उनके अंदर से निकल सकूं , कोई पता नही बिन बुलाए मेहमान की तरह उन्हें कौन सा सांप कब डंग जाए और वो किधर को भाग जाएँ ?
बहुत सारे लोग जानते हैं, और नहीं भी जानते कि सागर साहिब की चर्चा हमेशा नुक्कड़ नाटक और या फिर 'कभी कभी', 'सिलसिला', 'नूरी', 'चांदनी', 'बाज़ार'  जैसी फिल्मों के सफल लेखक के तौर पर कहीं न कहीं होती ही रहती है | लेखक-निर्देशक के नाते 'बाज़ार' उनकी पहली फिल्म थी | ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो भले ही उतनी न चली हो लेकिन इसने बड़े बड़े दिग्गजों को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया था |
'दूसरा आदमी', 'अनुभव', 'सवेरा', 'कर्मयोगी', 'दीवाना', 'कहो न प्यार है'  जैसी फिल्मों के सफल लेखक सागर सरहद्दी ने 'अगला मौसम', 'तेरे शहर में', 'वगदे पाणी' (पंजाबी) जैसी फिल्में भी निर्देशित की, लेकिन उनके रिलीज़ न हो पाने का उनको अभी तक दुःख है |
'तन्हाई', (नाटक) 'ख्याल दस्तक',(छे नाटक), 'आवाज़ों का मिउजिअम', (मिनी कहानी), 'जीव-जानवर' (कहानी), 'भगत सिंह की वापसी' और 'मसीहा' (पंजाबी नाटक) जैसी किताबों के लेखक सागर साहिब जब भी कोई नई फिल्म लिखते हैं तो उस फिल्म की अपनी अलग पहचान बन जाती है |
मरीन ड्राईव के सब से आखरी पत्थर , नहीं सच उस से पहले वाले पत्थर पर उनको एक दिन मैंने ज़बरदस्ती बिठा लिया गर्म कौफी का मग उनके हाथ में पकड़ाकर | अब कौफी को सिप सिप पीते वो अपनी बातों को दाने की तरह खिलारते चले गये और मैं चुगता चला गिया --
? - आपके लिए जिंदगी की सब से बड़ी ख़ुशी क्या है |
० - मैं आम आदमी के लिए काम करता हुआ मानसिक ख़ुशी महसूस करता हूँ |

? - अपनी जिंदगी में आप किस इन्सान या घटना से प्रभावित हुए हो ?
० - इन्सान के तौर पर मुझे मेघा पाटकर के कामों और घटना के तौर पर मुझे देश के बटवारे ने बहुत प्रभावित किया है |

? - आप ने कभी सोचा कि आपका जन्म किन कामों के लिए हुआ है ?
० - हाँ , अच्छे नाटक लिखने, मंचित करने और फ़िल्में बनाने के लिए |

? - आपकी जिंदगी में कभी कोई मर्द या औरत, आपसे कभी प्रभावित  हुआ है या नही ?
० - मैं यकीन के साथ किसी का नाम नहीं ले सकता, वैसे तो बहुत सारे लोग अक्सर ही बोल देते हैं कि मैं आपसे बचपन से प्रभावित हूँ |

? - आप किस बात से सबसे ज्यादा डरते हो ?
० - कि कहीं जिंदगी में ज्यादा सुस्त और आलसी न हो जाऊं |

? - वो कौन सा लेखक है जिस से आप बहुत ज्यादा प्रभावित हुए हों और क्यों ?
० - दोस्तोवस्की, क्योंकि उनकी रचनाओं में क्राइम और म्नोविगियन का तालमेल कमाल का होता था |

? -वो कौन सा सपना है जिसको पूरा करने के लिए आप अभी तक लड़ रहे हो?
० - आम आदमी की ख़ुशी के लिए मैं आखरी दम तक लड़ता रहूँगा |

? - आपको कोई भी बड़ा झूठ बोलने की जरूरत कब पडती है ?
० - जब सामने वाले को कोई तकलीफ न हो और मैं कोई समझौता करने से बच जाऊं |

? - वो कौन सा शर्मनाक  हादसा था जिस ने आपको बुरी तरह तिनका तिनका कर दिया हो ?
० -  बहुत लम्बी खज्ल्खुआरि के बाद कोर्ट में बुरी तरह हार जाना और अपनी फिलम 'तेरे शहर में' रिलीज़ न कर पाना |

? - अपने अंतर मन से आप क्या पसंद करते हो और क्या न-पसंद ?
० - शराब, औरत, और कुदरत को बहुत पसंद करता हूँ | रुकना और किसी भी तरह की पाबंदी मैं अपने उपर लागू नहीं होने देता |

? -  जिंदगी का कोई बहुत ही कडवा सच जिसको आप अभी तक भुला नहीं पाए ?
० - 'लोरी' फिल्म का फ्लाप हो जाना और 'अगला मौसम', और 'तेरे शहर में' (जो स्मिता पाटिल की आखरी फिल्म थी) का रिलीज़ न हो पाना |

? - आज तक पढ़े नाटकों में आपको सब से अच्छा कौन सा नाटक लगा ?
० - 'अँधा युग', क्यों कि इसमें आम आदमी की बेवसी और इस से पैदा होने वाले दर्द को बहुत ही शिद्दत से पेश किया गया है |

? - कैसे वस्त्र पहन कर आप अपने आपको रोमांटिक महसूस करते हो ?
० - सफेद कपड़े पहन कर तो मुझे ऐसा महसूस होता है कि मैं किसी अप्सरा के साथ आसमान में उड़ता चला जा रहा हूँ |

? - अपनी मेहनत के पैसे ऊपर आप किस किस्म की ऐश करते हो ?
० - मैं कुदरत को बहुत ही नजदीक से निहारता, ओढ़ता, पीता हूँ और ढेर सी किताबें खरीदता हूँ |

? - आपसे अगर कलम और मंच छीन लिया जाये तो आप क्या करोगे ?
० - तो शाएद दुनिया के सब से खूंखार, कातिल का नाम सागर सरहद्दी होगा |

? - आप अपनी ग्लतिओं को किस तरह नजर अंदाज़ करते हो ?
० - नजर अंदाज़ क्यों करूं भाई, वो तो मुझे बहुत कुछ सिखाती हैं और मुझे आगे की और धकेलती हैं |

? - भारती इतिहास में आपको सब से जयादा कौन सा किरदार मसंद है ?
० - भगत सिंह |

? - किसी भी जबरदस्ती के खिलाफ आपके विरोध की सुर कैसी होती है ?
० - मैं अपनी तर्कपूर्ण आवाज़ बुलंद करता हूँ और मेरी ये भी कोशिश होती है के ऐसी जबरदस्ती दोबारा न हो |

? - नाटक या फिल्म के क्षेत्र में आप अपना दखल कौन सी सीमा तक महसूस करते हो ?
० - कभी ज्यादा, कभी कम, यह तो बिजी होने के तरीके पर निर्भर करता है |

? - बॉलीवुड की सब से बढ़िया फिल्म ?
० - मदर इंडिया

? - आप हर समय सुर्खिओं में रहना क्यों पसंद नहीं करते ?
० - ऐसा करके मुझे लगता है के मैं वल्गर हो जाऊंगा |
? - आपने कौन सा ऐसा ख़ास काम किया  था जिस से कुछ ख़ास लोगों को जलन होने लगी थी ?
० - 'बाज़ार' के रिलीज़ होते ही बालीवुड के कुछ 'ख़ास' ने बहुत ही ख़ास मीटिंगें आयोजित की थी |

? - आप कैसी लडकी को पसंद कर सकते हो ?
० - ये तो मेरे मन की बूझ ली आपने | लडकी ऐसी हो जो मेरी सारी ग्लतिओं को माफ़ कर दे |

? - आप अपने संघर्ष को किस तरह परिभाषित करोगे ?
० - ढेर सारा क्रन्तिकारी साहित्य पढना, लिखना और विव्श्था से लड़ना |

? - आप अपने सम्बन्धों को किस तरह आईने में पेश करोगे ?
० - देखे, सुने, और निभाए बगैर आईने से पर्दा नहीं उठाया जा सकता |

? - आप कौन सा काम पूरा न होने तक जिंदा रहना चाहोगे ?
० - हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर इक ख्वाहिश पे दम निकले |
                                                                                      बस अभी इतना ही .. .. !!

23 comments:

  1. Very nice post.....
    Aabhar!
    Mere blog pr padhare.

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  2. 'सागर सरहद्दी जी से मुलाकात पढकर बहुत अच्छा लगा.
    आपकी प्रस्तुति का अंदाज रोचक और निराला है.

    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

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  3. aapke shbd bolte hain sagar ji ke bare me padh kar bahut hi achchha laga
    saader
    rachana

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  4. इतनी नडी हस्ती से मुलाकात बहुत अच्छी लगी। धन्यवाद आपका।

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  5. सबसे पहले तो आपकी टिपण्णी का शुक्रिया अदा करती हूँ जिसके द्वारा आपके इस ब्लॉग का पता चला यहाँ आकर सागर सरहदी जी की मुलाकात का इतने रोचक अंदाज में विवरण पढ़ा बहुत अच्छा लगा आभार करती हूँ आपका आपके ब्लॉग को फोलो भी कर रही हूँ

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  6. बहुत बढ़िया मुलाक़ात....
    रोचक प्रश्नोत्तर ...

    आभार आपका...

    सादर
    अनु

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  7. वाह मज़ा आ गया ....आज बड़े दिनों बाद उनकी तस्वीर देखी.....बहुत ख़ुशी हुई ...उन्हें हम 'पदयात्रा अंकल ' कहा करते थे ...क्योंकि उन्हें चलने का बहुत शौक था .....जब भी मुंबई में स्ट्राइक होती टेक्सिओंकी....उन्हें और मज़ा आता ...ख़ाली सड़क जो मिल जाती थी चलने के लिए ..यह मैं सन १९७६, ७७ की बात कर रही हूँ.......आपका लेख पढ़कर पुरानी यादें फिर ताज़ा हो गयीं ..आभार !

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  8. अच्छा लगा यह परिचय जानकार ..एक अलग सा व्यक्तित्व ...!

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  9. ਮੁਆਫੀ ਚਾਹੁਨਾ ਵੀਰ ਜੀ ! ਆਪਣੀਯਾਂ ਖਤਾਵਾਂ ਵਾਸਤੇ / ਅਸੀਂ ਕੋਯੀ ਬਡਾ ਪਢਾ ਲਿਖਾ ਅਮੋਲਕ ਚੰਗਾ ਬੰਦਾ ਨਾਹ ਹਨ / ਘਾਰ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿਚੋਂ ਮਾਂ- ਬੋਲੀ ਦਾ .ਰਸੂਖ ਮਿਲਿਯਾ ,ਸਕੂਲ ਕਾਲਿਜ ਵਿਚੋਂ ਗੁਰਮੁਖੀ ਦਾ ਆਖਰ ਗਿਯਾਨ ਨਾਹ ਹੋਯਾ ,ਭਾਸ਼ਾ ਬਿਯਾਕਰਣ ਦੀ ਅਗੀਯਾਨਾਤਾ ਲਾਜਿਮੀ ਹੈ / ਕਸੂਰਵਾਰ ਹਾਂ ਭਾਸ਼ਾ ਦੀ ਬੇਅਦਬੀ ਦਾ .....ਫੇਰ ਭੀ ਦਿਲ ਹੈ ਜੀ ..... ਮਾਨਤਾ ਨਹੀਂ ......ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਗੁਰਮੁਖੀ ਦੀ ਬੇਯਿਜਤੀ ਨਾਹ ਹੋਵੇ ..../ ਧਨਵਾਦੀ ਹਨ ਤ੍ਵਾੜੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਦੇ

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  10. दर्शन जी आपकी ये पोस्ट कई बार आई पढने हर बार अधूरी ही पढ़ पाई......आज सुबह सुबह समय निकाला है .....

    सागर साहिब की चर्चा हमेशा नुक्कड़ नाटक और या फिर 'कभी कभी', 'सिलसिला', 'नूरी', 'चांदनी', 'बाज़ार' जैसी फिल्मों के सफल लेखक के तौर पर कहीं न कहीं होती ही रहती है |

    ओह ...ये जानकारी नहीं थी सागर साहब की .. ....

    ? - आपसे अगर कलम और मंच छीन लिया जाये तो आप क्या करोगे
    ० - तो शाएद दुनिया के सब से खूंखार, कातिल का नाम सागर सरहद्दी होगा |

    बहुत सुंदर जवाब दिया ....
    सच कभी कभी मुझे भी ऐसा ही लगता है की अगर मुझे लिखने न दिया जाये तो पागल हो जून .....

    @ नजर अंदाज़ क्यों करूं भाई, वो तो मुझे बहुत कुछ सिखाती हैं और मुझे आगे की और धकेलती हैं |
    बहुत सुंदर ....

    नमन सागर साहब को ....

    और आपकी लेखनी को सलाम ......!1

    ye word verification hta lein ....

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  11. मेरे ब्लॉग से नाता रखने वाले सभी लोगों के शुक्रिया !!!!

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  12. सुन्दर, रोचक और सार्थक साक्षात्कार

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  13. nice and meaningful post......

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  14. सार्थक और सामयिक पोस्ट, आभार .

    कृपया मेरी नवीनतम पोस्ट पर पधारें , अपनी प्रतिक्रिया दें , आभारी होऊंगा .

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  15. ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਹਸਤੀ ਨੂੰ ਜਿਸ ਅੰਦਾਜ਼ 'ਚ ਤੁਸਾਂ ਨੇ ਮਿਲਵਾਇਆ ਹੈ ਸ਼ਲਾਗਾਯੋਗ ਹੈ।
    ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਪੋਸਟ ਹੈ।
    ਵਧਾਈ ਦੇ ਪਾਤਰ ਹੋ।
    hardeep
    http://haikulok.blogspot.com.au

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  16. सागर सरहद्दी से रोचक और सार्थक साक्षात्कार कराने के लिए आपका आभार!

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  17. सागर साहब से बहुत खूबसूरती से कुछ और परिचित कराया आप ने . आभार .

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  18. सागर सरहद्दी जी, का रोचक और सार्थक साक्षात्कार द्वारा परिचय कराने के लिए ,आभार सुखदर्शन जी,
    पोस्ट पर आने के लिए शुक्रिया,,,,,

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए,,,,
    RECENT POST:....आई दिवाली,,,100 वीं पोस्ट,

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  19. बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत अद्भुत अहसास.सुन्दर प्रस्तुति.
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !

    मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
    जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
    ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
    लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

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  20. padhkar bahut achhaa lagaa... jaankaari se bharpoor aalekh ke liye dhanyavaad

    "daanish"
    Ludhiana
    98722.11411

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  21. बहुत बढ़िया मुलाक़ात करवाया आपने..हार्दिक आभार..

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